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5 जून – विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day) क्यों मनाया जाता है ?

5 जून विश्व पर्यावरण दिवस  World Environment Day : 5 Jun का दिन Vishwa Paryavaran Diwas के रूप में मनाया जाता है और इसको मनाये जाने का करना है पर्यावरण को सुरक्षित रखना. मानव पशु पक्षी पर्यावरण में शामिल जीव है और इनकी सुरक्षा के लिए पर्यावरण सुरक्षित होना जरूरी है. इसकी सुरक्षा हम अपना योगदान करके कर सकते है.

5 जून – विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day)

सन 1972  को स्वीडन में सयुक्त राष्ट्र संघ ने पहला पर्यावरण सम्मलेन मनाया था और इस सम्मलेन में 119 देश ने भाग लिया था और इस सम्मलेन की थीम थी “Only One Earth” इस सम्मलेन का मकसद पर्यावरण को सुरक्षित रखने का था.

5 जून - विश्व पर्यावरण दिवस  World Environment Day : 5 Jun का दिन Vishwa Paryavaran Diwas के रूप में मनाया जाता है और इसको मनाये जाने का करना है पर्यावरण को सुरक्षित रखना. मानव पशु पक्षी पर्यावरण में शामिल जीव है और इनकी सुरक्षा के लिए पर्यावरण सुरक्षित होना जरूरी है. और इसकी सुरक्षा हम अपना योगदान करके कर सकते है. यहाँ आपको पर्यावरण की ही जानकारी मिलने वाली है.

पर्यावरण क्या है

पर्यावरण दो शब्दों के मेल से बना है परि और आवरण जिसमे परि का अर्थ है “चरों ओर ” और आवरण का अर्थ है “घिरा हुआ” अर्थात इसका मतलब है “चारो ओर से घिरा हुआ” पर्यावरण के अंतर्गत हमारे चारो तरफ पाए जाने वाले जीव जंतु , वायु , जल, सूर्य आदि सभी तत्व आते है जिनका प्राक्रतिक क्रियाओं घटनाओं से सम्बन्ध होता है.


पर्यावरण का क्या महत्व है

पृथ्वी पर जीवन है और यह जीवन पर्यावरण की ही देन है क्योंकि मानव को साँस लेने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत होती है पीने के लिए पानी जरूरी है और इन सभी तत्वों की पूर्ति प्राक्रतिक घटनाओ के कारण ही संभव है लेकिन यदि इन प्राक्रतिक घटनाओ में फेरबदल हो जाये तो इससे मानव जीवन खतरे में पड़ जायेगा.


पर्यावरण को किससे नुक्सान है

पर्यावरण को नुकसान केवल मानव से है क्योंकि जो भी कारक पर्यावरण को नुक्सान पहुंचाता है उसकी शुरुआत मानव ही करता है. मानव हमेशा से पर्यावरण को नुक्सान पहुचाने वाले करक प्रदूषण के लिए जिम्मेदार रहा है और पर्यावरण को प्रदुषण से जितना खतरा है उतना किसी से नहीं. प्रदुषण के अंतर्गत वायु प्रदुषण, जल प्रदुषण, ध्वनी प्रदूषण,  मृदा प्रदूषण, रेडियोधर्मी प्रदूषण सभी शामिल है जो निम्न प्रकार से जिम्मेदार है-

  1. कारखानों, से निकलने वाला धुआं.
  2. वनों में लगने वाली आग.
  3. वनों की कटाई.
  4. वाहनों से निकलने वाला विषेला धुंआ.
  5. पहाड़ों का काटन.
  6. मानव द्वारा पलास्टिक का अत्यधिक उपयोग.
  7. गंदे जल को साफ बहते पानी में छोडना.


हम पर्यावरण बचाने में कैसे मदद कर सकते है

पर्यावरण बचाने के लिए एक छोटी सी मदद ही काफी है जिसमे कोई भी व्यक्ति एक पेड़ लगाकर पर्यावरण को सुरक्षित करने में मदद कर सकता है. क्योंकि पर्यावरण को बचने के पेड़ पोधों का सबसे अधिक योगदान है.

पर्यावरण को बचाने के लिए मदद बहुत प्रकार से की जा सकती है जिनमे हम साफ सफाई रखकर, पेड़ों को सुरक्षित रखकर, कुछ पेड लगाकर,  पानी का इस्तेमाल केवल जरूरत पढने पर करना , बिजली की बचत करना, वाहनों का उपयोग कम कर या और भी बहुत से कार्यो से हम अपने पर्यावरण को बचा सकते है.

यदि किसी को अपनी चिंता नहीं है तो आपको आपने वाली पीढ़ी की चिंता तो जरूर करनी चाहिए क्योंकि जो गलती हम पर्यावरण के साथ करेंगे उसकी सजा आने वाली पीढ़ी को मिलेगी.

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2 Comments

  • Sir Nice Information but my question is if i embeed a youtube video in my blog post and

    and a User come from google search and watch videk so this time is calculated on my site or not

  • aapka question kya hai yah samjh nahi aa rha hai
    yadi aap yah puch rahe hai video ka watch time site me calculate hoga ya nahi to aapko bata dun ki yadi aap youtube par redirect ho jate hai to tab calculate nahi hoga lekin yadi user aapki site par hi hai to yah calculate hoga

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