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Wednesday, 29 August 2018

29 अगस्त : राष्ट्रीय खेल दिवस हिंदी में / National Sports Day In Hindi


29 अगस्त : भारत का  राष्ट्रीय खेल दिवस / National Sports Dayप्रतिवर्ष 29 अगस्त को हॉकी के महान खिलाडी मेजर ध्यान चन्द्र / Major Dhyan Chand के जन्मदिन को राष्ट्रीय खेल दिवस / National Sports Day के रूप में मनाया जाता है. देश को स्वर्ण दिलाने के साथ साथ इन्होने हॉकी को एक नई ऊंचाई तक भी पहुचांया.



29 अगस्त : राष्ट्रीय खेल दिवस हिंदी में / National Sports Day In Hindi

इस दिन खेल में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाडिओं को राष्ट्रपति भवन में भारत के राष्ट्रपति जी के द्वारा राजीव गाँधी खेल रत्न, ध्यानचन्द्र पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार और अर्जुन पुरस्कार के साथ साथ अन्य राष्ट्रीय खेल पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है. इस दिन स्कूलों, कॉलेज के द्वारा खेल प्रतियोगिता रखी जाती है जिसमे छात्र भाग लेते है.
29 अगस्त : राष्ट्रीय खेल दिवस हिंदी में / National Sports Day In Hindi
भारत सरकार के द्वारा 2012 में मेजर ध्यानचन्द्र के जन्मदिन को राष्ट्रीय खेल दिवस / National Sports Day के रूप में मनाया जाने का फैसला लिया गया था. मेजर ध्यान चन्द्र को "हॉकी का जादूगर" कहा जाता था जिन्होंने अपने हॉकी कैरियर में 1000 से भी अधिक गोल किये थे.

दुनिया के सबसे बेहतरीन हॉकी खिलाडीयों में से एक मेजर ध्यानचन्द्र के सम्मान में दिल्ली में बनाये गए स्टेडियम को ध्यानचन्द्र नेशनल स्टेडियम नाम दिया गया और इस स्टेडियम में हॉकी के खेल करवाए जाते है. राष्ट्रीय खेल दिवस मेजर ध्यानचन्द्र के जन्म दिन के साथ साथ खेल के प्रति युवाओं को प्रोत्साहन देने का भी उद्देश्य रखता है.



मेजर ध्यानचन्द्र / Major Dhyan Chand

मेजर ध्यानचन्द्र का जन्म इलाहाबाद उत्तरप्रदेश में 29 अगस्त 1905 को हुआ था. यह 16 वर्ष की उम्र में सेना में भर्ती हुए थे और यहाँ से ये अपनी मेहनत और कोच के दिए गए शिक्षण से भारतीय हॉकी टीम में कप्तान बने. हॉकी में अच्छे प्रदर्शन से इनका सेना में प्रोमोशन होता गया और इन्हें सेना में कमीशन ऑफिसर के तहत मेजर के पद का सम्मान दिया गया.

अपने हॉकी करियर में इन्होने भारत को 1928, 1932 और 1936 में ओलंपिक खेलों में 3 स्वर्ण पदक दिलाये और यह एक मात्र ऐंसे हॉकी खिलाडी है जिन्हें देश का तीसरा सबसे बड़ा सिविलियन पुरस्कार पदम् भूषण से सम्मानित किया गया था.

हॉकी में अपना जादू चलने वाले मेजर ध्यान चंद को तहनाश रुडोल्फ हिटलर ने भी जर्मनी के ओर से खेलने की पेशकश की थी. हॉकी से सन्यास लेने के बाद भी ये हॉकी से कोच के रूप में जुड़े रहे जिसमे इन्होने राष्ट्रीय खेल संस्थान पटियाल में मुख्य कोच के रूप में काम किया. इन्होने अपनी आत्मकथा गोल में लिखा था की आपको यह मालूम होना चाहिए की मैं एक साधारण इन्सान हूँ.

29 अगस्त : राष्ट्रीय खेल दिवस हिंदी में / National Sports Day In Hindi

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